भारत में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र: नीति, प्रदर्शन, योजनाएँ एवं चुनौतियाँ — एक समीक्षात्मक अध्ययन भारत सरकार की नवीनतम रिपोर्टों के विशेष संदर्भ में (2020-2025)

Authors

  • महेश कुमार भारत में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र: नीति, प्रदर्शन, योजनाएँ एवं चुनौतियाँ — एक समीक्षात्मक अध्ययन भारत सरकार की नवीनतम रिपोर्टों के विशेष संदर्भ में (2020-2025)

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Keywords:

MSME, उद्यम पंजीकरण, PMEGP, CGTMSE, MUDRA योजना, GDP योगदान, रोजगार, निर्यात, डिजिटलीकरण, वित्तीय समावेशन

Abstract

भारत का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 30% का योगदान करता है, कुल निर्यात में 45% से अधिक की भागीदारी रखता है, तथा कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का सृजन करता है। नवम्बर 2025 तक उद्यम पोर्टल एवं उद्यम असिस्ट प्लेटफ़ॉर्म पर 7.16 करोड़ से अधिक इकाइयाँ पंजीकृत हो चुकी हैं, जो 31.33 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं। इस समीक्षात्मक शोध-पत्र में MSME क्षेत्र की संरचनात्मक विशेषताओं, सरकारी नीतियों, प्रमुख योजनाओं, वित्तीय प्रावधानों, क्षेत्रीय वितरण तथा विद्यमान चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। यह पत्र MSME मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25, भारत सरकार के बजट दस्तावेज़ 2025-26, PIB प्रेस रिलीज़ एवं अन्य अधिकृत स्रोतों पर आधारित है।

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Published

2026-04-15

How to Cite

महेश कुमार. (2024). भारत में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र: नीति, प्रदर्शन, योजनाएँ एवं चुनौतियाँ — एक समीक्षात्मक अध्ययन भारत सरकार की नवीनतम रिपोर्टों के विशेष संदर्भ में (2020-2025) International Journal of Management, Engineering and Social Sciences,1(1), 12-18.

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Articles